महादेव को क्यों प्रिय है धतूरा ?




 महादेव जी की पूजा में धतूरा जरूर शामिल किया जाता है। कहा जाता है कि संमुद्र मंथन के बाद जब महादेव जी ने विष ग्रहण किया और अपने कंठ में रख लिया, तब से धतूरे को इस हलाहल के प्रतिकात्मक स्वरूप भगवान शंकर को चढ़ाया जाता है और इसका फूल भी इसी लिए उन्हें इतना अधिक प्रिय है।

ऐसी मान्यता है कि धतूरा का फूल भगवान शिवजी को चढ़ाने से शिवजी के कंठ में एकत्रित विष के प्रभाव को शांत करने में मदद मिलती है। यदि आप महादेव जी को धतूरा का फूल चढ़ाती हैं तो जीवन की समस्याओं से मुक्ति मिलती है और दुश्मनों से विजय प्राप्त करने में मदद मिलती है। धतूरा के फूल के प्रभाव से भक्तों की आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं।

शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव को धतूरा बहुत प्रिय है. धतूरे को भगवान शिव की पूजा में अत्यंत महत्व दिया जाता है. धतूरे को भगवान शिव को अर्पित करने से मनोवांछित फल मिलता है और भगवान शिव प्रसन्न होते हैं. धतूरे को भगवान शिव की पूजा में अत्यंत महत्व दिया जाता है.





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