कोणार्क हिंदू मंदिर के कुछ रहस्य जो आज भी नई जनता कोय


**कोणार्क मंदिर**



कोर्णाक सूर्य मंदिर



कोणार्क मंदिर भारत के ओडिशा राज्य के पुरी जिले में स्थित एक हिंदू मंदिर है. यह मंदिर सूर्य देव को समर्पित है और 13वीं शताब्दी में गंग वंश के राजा नरसिंह देव प्रथम द्वारा बनवाया गया था. यह मंदिर अपने अद्भुत वास्तुकला और मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है.

कोणार्क मंदिर एक रथ के आकार में बना है. मंदिर में 24 खंभे हैं जो रथ के पहियों के रूप में हैं. मंदिर के शीर्ष पर एक विशाल सूर्य मूर्ति है. मंदिर के चारों ओर नृत्य और संगीत के देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं.

कोणार्क मंदिर को 1599 में मुगल बादशाह औरंगजेब ने नष्ट कर दिया था. लेकिन आज भी इस मंदिर के खंडहर अपनी भव्यता और सुंदरता से लोगों को मंत्रमुग्ध करते हैं.

**कोणार्क मंदिर के कुछ प्रमुख आकर्षण**

* रथ के आकार का मंदिर
* विशाल सूर्य मूर्ति
* नृत्य और संगीत के देवी-देवताओं की मूर्तियां
* अद्भुत वास्तुकला
* सुंदर मूर्तिकला

**कोणार्क मंदिर कैसे पहुंचे**

कोणार्क मंदिर पुरी शहर से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है. पुरी शहर भारत के सभी प्रमुख शहरों से सड़क, रेल और हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है.

**कोणार्क मंदिर में घूमने का समय**

कोणार्क मंदिर सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुला रहता है. मंदिर में प्रवेश शुल्क 25 रुपये है.

**कोणार्क मंदिर में घूमने के लिए कुछ सुझाव**

* मंदिर में घूमने के लिए सुबह या शाम का समय सबसे अच्छा है.
* मंदिर में प्रवेश करते समय साधारण कपड़े पहनें.
* मंदिर में फोटो और वीडियोग्राफी की अनुमति है.
* मंदिर परिसर में धूम्रपान और नशीले पदार्थों का सेवन वर्जित है.

**कोणार्क मंदिर एक अद्भुत और ऐतिहासिक स्थल है. यह मंदिर अपनी भव्यता, सुंदरता और अद्वितीय वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है. कोणार्क मंदिर हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है.**

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