**आंखों का फ्लू, भारत में बढ़ते मामले** Eye flu आंखों का फ्लू, जिसे कंजंक्टिवाइटिस भी कहा जाता है, आंखों की एक आम बीमारी है. यह एक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है. आंखों का फ्लू के लक्षण हैं: * आंखों में लालिमा * आंखों में जलन * आंखों में खुजली * आंखों से पानी आना * आंखों में सूजन * आंखों से पीला या सफेद पदार्थ निकलना आंखों का फ्लू का इलाज आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं या आई ड्रॉप्स से किया जाता है. हालांकि, कुछ मामलों में आंखों का फ्लू गंभीर हो सकता है और आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचा सकता है. भारत में आंखों का फ्लू के मामलों में पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि देखी गई है. इसकी मुख्य वजह है: * बढ़ती जनसंख्या * बढ़ता प्रदूषण * बदलते मौसम * लोगों के बीच स्वच्छता के मानकों में कमी आंखों का फ्लू से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय हैं: * अपने हाथों को बार-बार धोएं. * आंखों को छूने से बचें. * अगर आपके पास आंखों का फ्लू है, तो दूसरों से दूर रहें. * आंखों में इस्तेमाल होने वाले तौलिये और अन्य सामान को साझा न करें. * आंखों को धोने के लिए साफ पानी का इस्...
**द्वारका धाम में लगा छोटे वस्त्रों पर प्रतिबंध** द्वारका धाम में लगा छोटे वस्त्रों पर प्रतिबंध द्वारका धाम, गुजरात में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है. यह मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर साल यहां दर्शन करने आते हैं. हाल ही में, मंदिर प्रशासन ने छोटे वस्त्रों में दर्शन करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस प्रतिबंध को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. कुछ लोग इस प्रतिबंध का स्वागत कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे धार्मिक कट्टरता का प्रतीक मान रहे हैं. दरअसल, मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह प्रतिबंध धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से रोकने के लिए लगाया गया है. मंदिर प्रशासन का कहना है कि कई बार श्रद्धालु ऐसे कपड़े पहनकर दर्शन करने आते हैं, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं. ऐसे कपड़ों में दर्शन करने से भगवान कृष्ण की गरिमा को भी ठेस पहुंचती है. हालांकि, कुछ लोग इस प्रतिबंध का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह प्रतिबंध धार्मिक कट्टरता का प्रतीक है. उनका कहना है कि हर व्यक्ति को अपने मन मुताबिक कपड़े पहनने का अधिकार है. मंदिर प्रशासन को लोगों के...
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